कॉकरोच जनता पार्टी का ऐलान- आंदोलन खत्म; सरकार ने सभी 3 मांगें मान लीं, जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों से घर वापस लौटने की अपील
CJP Ended Protest After Dharmendra Pradhan resigns and other demands fullfill
CJP Ended Protest: पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन आज 25 जुलाई को खत्म हो गया. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही केंद्र सरकार और CJP के बीच 2 अन्य प्रमुख मांगों पर भी सहमति बन गई. जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने प्रेस वार्ता करते हुए ऐलान किया कि हम अच्छी नीयत से आंदोलन वापस ले रहे हैं, हमें भरोसा है कि हमारी मांगों को सरकार द्वारा तय टाइमलाइन के अंदर पूरा किया जाएगा.

बता दें कि शनिवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की CJP के साथ तीसरे दौर की बातचीत हुई. इस बैठक में CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका शामिल रहे. काफी देर तक चली इस बातचीत में सरकार और CJP के बीच मांगों को लेकर सहमति बन गई. इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना आंदोलन वापस ले लिया और प्रदर्शनकारियों से अपने घरों को लौटने की अपील की गई. इससे पहले बीते कल दुसरे दौर की बातचीत में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बात फंस गई थी. CJP की सबसे बड़ी मांग यही थी और सरकार के लिए गले की सबसे बड़ी फांस.
इधर CJP के बैठक और सब फ़ाइनल होने के बाद प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, "आज हमारी लंबी बातचीत हुई. हमने बाकी 2 मांगों पर भी बात की. सीजेपी की पहली मांग को हमने स्वीकार किया है कि इस प्रदर्शन से संबंधित प्रदर्शनकारियों पर भविष्य में कोई बदले की कार्रवाई नहीं की जायेगी और दर्ज किये गए केस वापस ले लिए जाएंगे. हम CJP को FIR की कॉपी देंगे और कोई कार्रवाई नहीं होगी.
नड्डा ने आगे कहा, ''दूसरी मांग जो है वो ये है कि मुआवजा दिया जाए. जिस पर सरकार ने साफ और स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी बच्चे की जान जाने पर हमें भी सहानुभूति है. सरकार ने CJP से कहा है कि नियम और कानून के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा, जो भी ज़्यादा से ज़्यादा हो सकेगा, उन परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा.'' वहीं प्रेस वार्ता से जाने के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से हाथ भी मिलाया.
Cockroach Janta Party withdraws its nationwide agitation with immediate effect
All demands of the Cockroach Janta Party have been accepted by the government:
1. Maximum possible compensation for families of NEET paper leak-related suicides
2. All FIRs by Central govt and…
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से CJP में जश्न का माहौल
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जश्न मना रहे हैं. जंतर-मंतर धरना स्थल पर प्रदर्शनकारी युवा-छात्र जश्न में झूम रहे हैं. उन्होंने कहा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना लोकतंत्र की बड़ी जीत है और यही असली लोकतंत्र है. वहीं इस्तीफा देते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जिस तरह से छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की गई और जो भी हालात बने. वह सब देखकर मेरा मन दुखी और व्यथित है. शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफ़ा मेरे लिए कोई व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का सवाल नहीं है. देश की युवाशक्ति को किसी भ्रम और कुचक्र में नहीं फंसने देंगे. यही मेरा संकल्प है. इसलिए इस्तीफा दे रहा हूं.
Today’s victory is a powerful testament to the extraordinary foresight of Dr. B.R. Ambedkar and the framers of our Constitution.
Decades ago, Babasaheb envisioned a nation where power flowed directly from the people, and he engineered the framework to make that possible. Jai… pic.twitter.com/AMC54ku05r
करीब 36 दिन चला CJP का आंदोलन
गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में युवा-छात्रों का प्रदर्शन पिछले 20 जून को शुरू हुआ था. पेपर लीक से परेशान होकर देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करते हुए पिछले 36 दिन से युवा-छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी था. इस बीच मशहूर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भी 26 दिन तक भूख हड़ताल की. वांगचुक की वजह से CJP का प्रोटेस्ट और मजबूत हुआ. वहीं युवा-छात्रों के दिल्ली प्रदर्शन का असर राजधानी से बाहर पूरे देश के अलग-अलग हिस्सों में भी देखा गया. साथ ही विपक्ष के लोग भी सड़कों पर उतरे. जिससे सरकार बैकफुट पर आ गई.
Sonam Wangchuk’s (@Wangchuk66) Gandhian satyagraha awakened an entire nation. Fasting for 26 days for the youth of this country was a pure and supreme sacrifice. It will go down in history as the moral force that united us all against impossible odds.
Words cannot fully express… pic.twitter.com/RZLetDQUSy